ज्यों नामा हरि गुण उचरै भगत जना का देहूरा फिरै।मैं बउरी मेरा राम भवार रच-रच ताकउ श्रृंगार

 

कानपुर, आज दिनांक 29 अक्टूबर को गुरुद्वारा बाबा नामदेव समिति कानपुर कक्षत्रिय टांक सभा सिख पंजाबी वेलफेयर सोसाईटी द्वारा गुरुद्वारा बाबा नामदेव जी मे भगत शिरोमणि नामदेव जी का जन्म दिहाडा बडी श्रृद्धा से संगत जोड मेला गुरूमत समागम के रूप मे सुबह श्री गुरू ग्रान्थ साहिब जी के अखण्ड पाठ समाप्ति उपरान्त हजूरी रावि रविन्दर सिंह द्वारा भगत नामदेव की वाणी पढी गई।चरण सुहावा यात्रा का स्वागत विदाई समारोह गौशाला चौराहे पर श्री गुरू नानक सतसंग सभा बाबा नामदेव समिति सिख पंजाबी वेलफेयर सोसाईटी खालसा समिति किदवई नगर आकाशीय पुष्प वर्षा कीर्तन व मिस्सी रोटी, अचार, नमकीन लस्सी के लंगर के साथ यात्रा में सम्मलित सभी वाहनो मे सेब,केला,पानी की बोतले रखवाई गई और नौबस्ता बाईपास तक आगे के प्रस्थान फतेहपुर,प्रयागराज के लिए रावनगी दी गई।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन द्वारा आकाश से जी आया नु पुष्प वर्षा की गई साथी में नरसिंह वाद्य यंत्र द्वारा नगर चरण सुहावा कीर्तन का स्वागत विटाई की गई साथी में मिस्सी रोटी नमकीन लस्सी और रास्ते के लिए पूरे लंगर की व्यवस्था करके यात्रा को विदा किया गया!शाम के दीवान मे रहिरास साहिब के पाठ के उपरान्त आरती व शबद कीर्तन बाबा नामदेव स्त्री सतसंग व कानपुर के आये हुए विभिन्न स्त्री सतसंग के जथो ने कीर्तन किया। गंगा नगर से आये कथावाचक भाई हरविन्दर सिंह ने भगत नामदेव जी की जीवनी का इतिहास बताते हुए कहा कि भगत नामदेव जी गुरू नानक देव जी से पहले लगभग 200 साल नरशरी गाँव, महाराष्ट्र मे जन्म लिया था। भक्ती के प्रेमा भाव मे कलयुग जैसे समय मे 72 बार ईश्वर के साक्षात् दर्शन हुए। इनका जीवन किरित के साथ अन्दर की अत्मा से प्रभू का सिमरन था। श्री गुरू ग्रान्थ साहिब मे इनकी बहोतात वाणी सम्मलित है जिसको गुरु नानक नामलेवा संगत नितप्रति नकमस्तक होकर श्रृद्धये से शीश झुकाती है। लखनऊ से आये भाई सुखप्रीत सिंह, पवनदीप सिंह ने शबद कीर्तन कर आयी हुई संगत को भाव विभोर कर दिया। ज्यों ज्यों नामा हरि गुण उचरै भगत जना का देहूरा फिरै। मैं बउरी मेरा राम भवार रच-रच ताकउ करू श्रृंगार।। सोने की सुई रूपै का धागा नामै का चित हरि सिउ लागा।दीवान समाप्ति उपरान्त गुरु के अटूट लंगर वतीये गये। स्त्री सतसंग कानपुर व आये हुए श्रृद्धालुजनो का स्वागत सतकार किया गया।परमजीत सिंह चांदो अमरजीत सिंह पम्मी गुरदीप साइकिल लकी चड्ढा मनजीत सिंह चड्ढा अशोक अरोड़ा मनजीत कौर कुलदीप जी बहन सुरेंद्र कौर बलजीत कौर कुलदीप सिंह करमजीत सिंह पीटर धीरज, आदि लोग रहे!

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