कानपुर
शातिर ईनामिया आरोपी ने कई वर्षों से नाम बदला, भेष बदला… 35 साल तक आंखों में धूल लेकिन पुलिस की धरपकड़ को रहा था भूल फिर क्या सेंट्रल जोन की सर्विलांस टिम के अथक प्रयासों से कर्नलगंज पुलिस ने कहा— चच्चा, खेल खत्म।
कानपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन अंतर्गत थाना कर्नलगंज और सर्विलांस टीम ने वर्षों से फरारी काट रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। आरोपी ने नाम और पहचान बदलकर दूसरे जिले में वर्षों तक अपना राज चलाया, लेकिन पुलिस की तेज़ नजर से आखिरकार बच नहीं सका धारा 302 35 वर्षों (1990 से) फरार चल रहा ₹50,000 का इनामी अपराधी शौकत पुत्र वसीर (निवासी— साहिबाबाद थाना चमनगंज, वर्तमान पता— जनपद गोंडा) को तकनीकी सहायता से सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार किया।शातिर ईनामिया आरोपी पर वर्ष 1984 में कर्नलगंज थाना क्षेत्र में रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या करने का गंभीर आरोप है। हत्या के बाद आरोपी जेल गया, जमानत पर बाहर आया और फिर 1990 से नाम और भेष बदलकर लगातार फरार चल रहा था।जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपना पता और पहचान बदलकर दूसरे जिले में रहना शुरू कर दिया था, जिससे पुलिस को लंबे समय तक उसकी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। वर्ष 2017 में उसे इनामी घोषित किया गया था, लेकिन वह पुलिस की आंख-मिचौली खेलता रहा।आखिरकार सर्विलांस टीम प्रभारी लोकेंद्र कुमार एवं कर्नलगंज थाना प्रभारी विनीत चौधरी ने सहयोगी सर्विलांस टीम लवकुश मिश्रा,धर्मेंद्र तिवारी नवीन,शरद,राहुल अग्रहरि थाना पुलिस में उप निरीक्षक रिंकू निमेष,दिनेश मौर्या और सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।इस गिरफ्तारी को सेंट्रल जोन पुलिस की बड़ी और सराहनीय उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न सिर्फ वर्षों पुराने हत्या मामले की गुत्थी सुलझी है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि कानून से भागना चाहे जितना लंबा हो—अंत तय है।
