दिनांक-12.03.2026

 

श्री आलोक सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर द्वारा वीडियों कांफ्रेसिंग (गूगल मीट) के माध्यम से उ०प्र० सरकार के अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को प्राथमिकता में रखते हुए कानपुर जोन के अधीनस्थ 60 राजपत्रित अधिकारी एवं 433 अराजपत्रित कार्मिक (थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी) के साथ सीधा संवाद किया गया।

 

आगामी ईद-उल-फितर / नवरोज त्यौहार दिनांक 20/21.03.2026 व चैत्र नवरात्रि दिनांक 19.03. 2026 से प्रारम्भ होकर दिनांक 27.03.2026 को चैत्र रामनवमी का पर्व मनाए जाने के दृष्टिगत सुदृढ पुलिस व्यवस्थापन कर पर्व सकुशल निर्विघ्न, शान्ति, सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराए जाने व कानून-व्यवस्था की स्थिति सुदृढ रखने एवं सुचारू आवागमन बनाएं रखने हेतु बाजारों एवं प्रमुख मार्गो पर तथा सड़क के किनारे अवैध रूप से लगाए गए ठेले, दुकानों अथवा अन्य अवरोधों को हटाने के साथ-साथ सड़को व सार्वजनिक स्थलों पर खड़े अवैध / लावारिस वाहनों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाए, जिससे कि किसी प्रकार का अतिक्रमण न होने पाए। पर्वों के दौरान शांति एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठकों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं एवं संभ्रांत नागरिकों से संवाद समय से पूर्व स्थापित कर लिया जाए तथा सभी से पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाने की अपील की जाए एवं सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखे, जिससे कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही की जा सके।

 

महिलाओं एवं बच्चियों के विरुद्ध अपराधों तथा माफियाओं / संगठित अपराधियों से संबंधित प्रकरणों में माननीय न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण एवं शीघ्र कन्विक्शन सुनिश्चित कराने के संबंध में निर्देशित किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी एवं अभियोजन पक्ष ऐसे मामलों की नियमित एवं प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें। मामलों से संबंधित साक्ष्यों, गवाहों तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए तथा गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब न होने दिया जाए। पुलिस विभाग एवं अभियोजन विभाग के बीच समुचित समन्वय स्थापित करते हुए ऐसे मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए, ताकि महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं प्रभावी कन्विक्शन सुनिश्चित किया जा सके। कानपुर जोन में अपराधियों को सजा दिलाए जाने के दृष्टिगत विगत 02 वर्षों में चिन्हित माफियाओं, गम्भीर एवं सनसनीखेज अपराधों एवं महिलाओं / बच्चियों एवं अन्य के विरूद्ध विचाराधीन अभियोगों में अब तक 07 अपराधियों को मृत्युदण्ड, 525 अपराधियों को आजीवन कारावास, 180 अपराधियों को 20 वर्ष या अधिक की सजा तथा 6749 अपराधियों को 20 वर्ष से कम की सजा माननीय न्यायालय से ठोस / गहन पैरवी कराकर सजा करायी गयी है। जिन अभियोगो में अल्प समय में माननीय न्यायालय से गहन पैरवी कर सजा करायी गयी है उनका विवरण इस प्रकार है (01) जनपद जालौन के थाना कैलिया में पंजीकृत मु0अ0सं0 57/2025 धारा 65 (2) बीएनएस व 5 (एम) पॉक्सो अधिनियम में दिनांक 24.07.2025 को विवेचना समाप्त कर माननीय न्यायालय में सघन पैरवी कराकर अभियुक्त अनिल कुमार को आजीवन कारावास की सजा व 02 लाख रूपयें के अर्थदंड से दण्डित कराया गया (02) जनपद कानपुर देहात के थाना रसूलाबाद में पंजीकृत मु०अ०सं० 386/2023 धारा 302/201 भादवि में दिनांक 24.02.2026 को माननीय न्यायालय में सघन पैरवी कराकर अभियुक्ता रेहाना को आजीवन कारावास की सजा व 25 हजार रूपयें के अर्थदंड से दण्डित कराया गया (03) जनपद कानपुर देहात के थाना रनियां में पंजीकृत मु०अ०सं० 96/2023 धारा 376/377/328/504/506 भादवि में दिनांक 07.03.2026 को माननीय न्यायालय में सघन पैरवी कराकर अभियुक्त शिवम मिश्रा को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व 15 हजार रूपयें के अर्थदंड से दण्डित कराया गया है। माननीय न्यायालय में विचाराधीन अन्य प्रकरणों में और अधिक सजा कराए जाने के सम्बन्ध में जनपदीय पर्यवेक्षण अधिकारियों को प्रतिदिन सायंकाल समीक्षा करने हेतु निर्देशित किया गया है।

 

नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अपराधों की विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी तथा सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निर्देशित किया गया कि समस्त जनपद प्रभारी विवेचकों को डिजिटल साक्ष्य संकलन एवं उसके प्रभावी उपयोग के संबंध में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विवेचकों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, सोशल मीडिया प्लेटफार्म आदि से डिजिटल साक्ष्य के विधिसम्मत संकलन, संरक्षण एवं विश्लेषण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। पुलिस विभाग आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल संसाधनों के समुचित उपयोग के माध्यम से अपराध नियंत्रण, त्वरित अन्वेषण तथा अभियोजन की सफलता दर को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को त्वरित, पारदर्शी एवं निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित कराया जा सके। साथ ही माननीय न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

 

उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस / समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा दिनांक 14.03. 2026 व 15.03.2026 को सम्पन्न होने के दौरान शुचिता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने हेतु निर्देशित किया गया। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा अभ्यर्थियों की प्रवेश द्वार पर सघन जांच की जाए, जिससे कि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक या अनुचित सामग्री परीक्षा कक्ष में न ले जाई जा सके। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता एवं सुरक्षित वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाए और परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी निगरानी एवं उड़नदस्ता टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाए। किसी भी प्रकार की नकल, अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं परीक्षा से जुड़े अधिकारियों के बीच समुचित समन्वय स्थापित करते हुए परीक्षा को पूर्णतः शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं शुचितापूर्वक सम्पन्न कराया जाए। साथ ही विगत परीक्षाओं में सॉल्वर गैंग एवं अनियमितता के विरूद्ध पंजीकृत अभियोगों में नामित / प्रकाश में आये अभियुक्तों पर सतर्क दृष्टि बनाएं रखने व किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध तत्काल कठोर विधिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।

 

माह फरवरी-2026 की प्रदेश स्तरीय समीक्षा में जनसुनवाई समाधान प्रणाली (IGRS) के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आधार पर कानपुर जोन के पर्यवेक्षणाधीन कानपुर परिक्षेत्र एवं झाँसी परिक्षेत्र के जनपद इटावा, ललितपुर व कानपुर देहात द्वारा प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया, जिसकी प्रशंसा पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० महोदय द्वारा की गयी है। इसी प्रकार अन्य जनपद प्रभारियों को भी प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

 

वैश्विक परिदृश्य में ऊर्जा संसाधनों की मांग एवं आपूर्ति में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एलपीजी की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि जनपद के सभी क्षेत्रों में एलपीजी गैस एजेंसियों, गोदामों तथा संदिग्ध स्थलों पर नियमित रूप से सघन जांच अभियान चलाया जाए तथा बिना लाइसेंस के एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण, परिवहन या बिक्री पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही तथा घरेलू गैस सिलेंडरों की अधिक मूल्य पर बिक्री या व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर भी सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। आपूर्ति विभाग, पुलिस विभाग एवं प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त छापेमारी, मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा जाए तथा प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्यवाही की जाए। साथ ही एलपीजी के भंडारण और परिवहन में सभी सुरक्षा मानकों का कडाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे कि आम जनता को निर्धारित मूल्य पर सुरक्षित एवं निर्बाध गैस उपलब्ध हो सके ।

 

पुलिस कर्मियों द्वारा प्रतिमाह किये जाने वाले उल्लेखनीय / सराहनीय ऑपरेशनल कार्यों के लिए उन्हे डीजी प्रशंसा चिन्ह प्रदान किये जाने हेतु प्रतिमाह नामांकन उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया गया।

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