जिलाधिकारी अपडेट 17 जुलाई, 2024 कानपुर नगर।
वृक्षारोपण अभियान 2024 के अंतर्गत दिनांक 20 जुलाई, 2024 को जनपद में लगभग 44 लाख वृक्षारोपण किया जाना है। इसी क्रम में वृक्षारोपण अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न विभागों, शिक्षण संस्थाओं एवं आम जनमानस के साथ समन्वय स्थापित कर वृहद वृक्षारोपण किया जाएगा।
मा० मुख्यमंत्री जी के आह्वान पर 20 जुलाई को प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम एक वृक्ष अवश्य रोपित करे, को दृष्टिगत रखते हुए जनपद कानपुर नगर के सभी विश्वविद्यालयों में सभी महाविद्यालयों में, सभी माध्यमिक विद्यालयों में, सभी प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों तथा कार्यदायी संस्था के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों द्वारा परिसर में एक वृक्ष अपनी मां के नाम रोपित किया जाएगा और परिसर में इस स्थान को मातृ वाटिका के नाम से जाना जाएगा।
इसी क्रम में आई.आई.टी. कानपुर नगर, हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एच.बी.टी.यू.), छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय तथा जनपद के अन्य समस्त शिक्षण संस्थानों के परिसरों में मातृ वाटिका की स्थापना की जाए, जिसमें उक्त संस्थानों में कार्यरत प्रोफेसर, प्रधानाचार्य के साथ-साथ संस्थानों में कार्यरत समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी कमर्चारियों द्वारा एक पेड़ अपनी मां के नाम से रोपित किया जाए।
जिलाधिकारी द्वारा वृक्षारोपण अभियान 2024 के अंतर्गत समस्त शिक्षण संस्थानों द्वारा विकसित की जाने वाली मातृ वाटिका में वृक्षारोपण कराए जाने हेतु पौधे उपलब्ध कराए जाने का दायित्व प्रभागीय निदेशक, समाजिक वानिकी को दिया गया। जिसके क्रम में वन विभाग से समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण के लिए पौधे प्राप्त करने हेतु क्षेत्रीय वन अधिकारी, कानपुर नगर (मो0-9450036192) क्षेत्रीय वन अधिकारी, घाटमपुर (मो0- 9450586818), क्षेत्रीय वन अधिकारी, बिधनू (मो0- 9990946962) एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी, बिल्हौर (मो०- 9889427008) से संपर्क स्थापित किया जा सकता है।
समस्त शिक्षण संस्थानों के प्रबंध तंत्र द्वारा मातृ वाटिका में रोपित किए जाने वाले पौधों एवं संस्थान में कार्यरत समस्त शिक्षकों एवं कार्मिकों की संख्या प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे, ताकि शिक्षण संस्थाओं के परिसर में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण कराए जाने हेतु गढ्ढे खोदने आदि अन्य व्यवस्थाएं समुचित रूप से की जा सकें।
