वाराणसी में 12जनवरी को विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित किए जाएंगे विक्रमादित्य

वाराणसी l पूरे प्रदेश में 10 युवाओं को मिलता है विवेकानंद यूथ अवार्ड , समाज सेवा के कारण बसावनपुर गांव, ब्लॉक उसका के श्री विजय नारायण सिंह के पुत्र श्री विक्रमादित्य नारायण सिंह को इस अवार्ड के लिए चयनित किया गया है । मुख्यमंत्री देंगे ये अवार्ड ।
नवभारत निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं विक्रमादित्य गोरखपुर के राजेंद्रनगर में है ट्रस्ट के कार्यालय
अधिकतर सेवा कार्य गोरखपुर में किए गए ।
कोरोना काल में विक्रमादित्य के द्वारा मुहीम घन्टी बजाओ चलाया गया जो सिद्धार्थनगर व अन्य जिलों के लिए हेल्पलाइन नम्बर दिए गए फोन आने पे पेशेंट को गोरखपुर व अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में भर्ती करवाने से लेकर दवा,भोजन,राशन तक पहुचने का कार्य किया गया जोकि सिद्धार्थनगर में युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में और अन्य जिलों में राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ मिल के कार्य किए।
इनके द्वारा मुहिम ‘ संजीवनी फ़्री ऑक्सीजन ‘ चलाया गया जिसके तहत फोन आने पे इनकी टीम एक ऑक्सीजन सिलेंडर से लदे गाड़ी से पहुचती और पेशेंट को ऑक्ससिजन देते हुए अस्पताल तक निशुल्क छोड़ती
इनकी मुहिम ‘ स्वर्ग रथ ‘ से ये एक मैजिक गाड़ी से मृतक के शव को श्मशान घाट तक पहुंचाते एंव निःशुल्क उनका उनका अंतिम संस्कार तक करवाया ।

रोड पे पड़े मानशिक रूप से कमजोर,दिव्यांगजन को रोड से उठा के उनके खाने से ,पहनने का व्यवस्था करने से उनके दवा तक कराते है इन्हें इस सेवा कार्य मे ऐसे ऐसे मरीज मिले जिनके शरीर मे कीड़े तक पड़ चुके थे उनको स्वस्थ कर के घर वापस भेजने में ये दिन रात कार्यरत रहे हैं ।
पूर्वांचल स्तर पर दिव्यांगजन के व सामान्य छात्रों के पुर्वांचल कला सम्मान समारोह का आयोजन करते हैं जिसके तहत सामान्य ज्ञान,चित्रकला,गायन प्रियोगिता आयोजन करते हैं जिसमे लगभग 8000 छात्र प्रतिभाग करते हैं एंव 500 चयनित छात्रों को पुरस्कार वितरण में मुख्य अतिथि से पुरस्कृत करवाया जाता है ।
ये अधिकतर सेवा कार्य गोरखपुर में रह के किए हैं गोरखपुर के राजेंद्रनगर में इनके नवभारत निर्माण ट्रस्ट कार्यालय है जहां ये बच्चों का निःशुल्क क्लाश चलाते हैं और वहां 2 परिवार पिछले कोरोना से निःशुल्क रहता है। विक्रमादित्य नारायण सिंह ने बताया कि गोरखपुर में सेवा कार्य करने के साथ ही सिद्धार्थनगर में भी असहायों की सहायता करने में और इस अवार्ड को पाने में माता पिता के साथ सिद्धार्थनगर के जिला युवा कल्याण अधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जी की अहम भूमिका रही । विक्रमादित्य फार्मासिस्ट की पढ़ाई पूरी किए हैं और अभी स्वास्थ केंद्र पे निःशुल्क सेवा दे रहे हैं । इनके पिता- विजय नारायण सिंह , माता- विंदया सिंह, बड़े भाई आदित्य नारायण सिंह व सभी मित्रगण में खुसी का महौल है।

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