रंगों का भैंसा ठेला…कानपुर में होली के छठवें दिन ऊंट, घोड़े लेकर निकले होरियारे

 

कानपुर शहर के हटिया स्थित रज्जन जन बाबू पार्क में सुबह करीब 10 बजे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे. वहां मौजूद कानपुर हटिया होली मेला महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने उनको गुलाल लगाया. साथ ही कानपुर के ऐतिहासिक गंगा मेला पर्व की शुरुआत की गई. इसके बाद सपा विधायक अमिताभ बाजपेई, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, हास्य अभिनेता अन्नू अवस्थी समेत अन्य लोगों ने झंडा फहराया. कानपुर में होली के बाद एक बार फिर अनूठी परंपरा को आगे बढ़ते हुए एक-दूसरे के अबीर-गुलाल लगाया गया. गंगा मेला पर्व की शुभकामनाएं दी गईं. डीएम ने कहा कि कानपुर की इस अनूठी होली के बारे में बहुत सुना था. आज पहली बार इस होली में शामिल होने का मौका मिला. गंगा मेला ऐसा पर्व है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है. यहां होली के छठवें दिन अनुराधा नक्षत्र पर एक बार फिर जबरदस्त होली खेली जाती है. यह रोचक बात है कि 1942 में डीएम ने कानपुर में होली पर अंकुश लगा दिया था. इसके बाद लगातार हर साल कानपुर के गंगा मेला पर्व की होली खेलने की शुरुआत डीएम ही करते हैं. कानपुर हटिया होली मेला महोत्सव समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र विश्नोई ने बताया कि कानपुर डीएम द्वारा झंडा फहराने के साथ ही गंगा मेला पर्व शुरू हो गया. हटिया स्थित रज्जन बाबू पार्क से होरियारों की टोली रंगों का भैंसा ठेला लेकर आगे बढ़ेगी. इसके पीछे घोड़े और ऊंट भी रहेंगे. होरियारे एक-दूसरे को रंग लगाते हुए पूरे उल्लास के साथ कानपुर के विभिन्न बाजारों से होते हुए सरसैया घाट पहुंचेंगे. वहां पर सभी गंगा स्नान करेंगे. इसके बाद शाम को पार्क में ही हटिया के कई परिवारों के लोग एक साथ आते हैं. कई तरीके के व्यंजनों का स्वाद लिया जाता है. इसके अलावा जो बच्चे होते हैं, वह पार्क में लगे झूलों का आनंद उठाते हैं. कानपुर के सरसैया घाट पर शाम को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा अपने स्टाल लगाए जाते हैं.

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