इंद्रदेव की बेरुखी पर भी भोलेनाथ के भक्तों का दिल जीत ले गया ख़ाकीवर्दी का व्यवहार

 

कानपुर- सावन के अंतिम सोमवार का उत्साह भारी बारिश और सड़कों पर जल भराव की दुस्वारी भी कम न कर सकी। बोल बम के नारों के साथ भारी संख्या में शिवभक्त शहर के शिव मंदिरों और शिवालयों में जल भराव और बारिश के बीच दर्शन करने के लिए उमड़ते रहे। इस बीच शहर की पुलिस का रोल भी भक्तों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। कानपुर मंडल में रविवार की सुबह से शुरू हुआ बारिश का शिलशिला सोमवार को भी बदस्तूर जारी रहा, जिससे सड़को पर एक से दो फुट पानी भर गया था। ऐसे में सावन के चौथे और अंतिम सोमवार के अवसर पर यातायात की व्यवस्था से निपटना पुलिस प्रशासन के लिए काफी परेशान करने वाला रहा। भारी बारिश के बीच पुलिसकर्मियों ने भीगने की चिंता किये बगैर भक्तो की भारी संख्या को नियंत्रित करने के साथ यातायात व्यवस्था को भी बिगड़ने नहीं दिया। शहर के लगभग सभी शिव मंदिरों और शिवालयों में रविवार की रात से ही पुलिस की व्यवस्था की गई थी जिससे भक्तो की भारी संख्या को सूचीबद्ध तरीके से नियंत्रित करने में सहायता मिली।

आपको बतादें की सावन के सोमवार में शहर के लगभग सभी छोटे और बड़े मंदिरों में भक्तों की लंबी लंबी कतारें नजर आती है। लेकिन 4 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार होने के कारण शिव भक्तों की बड़ी संख्या का अनुमान प्रशासन ने पहले ही लगाया था। पुलिस और प्रशासन की सावन में होने वाली नियमित मीटिंग में इस बात के लिए पहले से ही तैयारियां की गई थी जिसमे शहर के प्रमुख मंदिरों पर भारी पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। परमट के बाबा आनंदेश्वर मंदिर, पी रोड़ के बनखंडेश्वर मांसिर, जाजमऊ स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर, विकास नगर के बाबा जागेश्वर महादेव मंदिर , यशोदा नगर स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर, मालरोड के खेरेश्वर मंदिर में पुलिसकर्मियों के साथ साथ यातायात पुलिस को तैनात किया गया था।

हालांकि रविवार से शहर में शुरू हुई बारिश लगातार सोमवार को दिनभर बरसती रही जिससे शहर के लगभग सभी प्रमुख मार्गों और चौराहों में भीषण जल भराव की समस्या से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि लगातार बारिश के बीच पुलिस और यातायात कर्मियों ने मोर्चा संभालें रखा जिससे जाम की समस्या से निजात मिलती रही। लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से बचाने के लिए कई स्थानों पर रूट डायवर्जन भी किया गया था।

आमतौर पर अपने स्वभाव के विपरीत पुलिसकर्मियों के श्रद्धालुओं के प्रति रवैया देखने लायक था। कई जगहों पर पुलिसकर्मियों की वर्दी लगातार हो रही बरसात से भीग गई थी लेकिन इस हालातों में भी वो मुस्तैदी से अपने काम पर डेट रहे। हालांकि जल भराव के कारण अधिकतर वो लोग परेशान दिखे जो भारी वाहनों से मन्दिर के बिल्कुल करीब अपना वाहन खड़ा करने की फिराक में थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाहनों को मंदिर से दूर खड़ा करने की व्यवस्था की गई थी। परमट आनंदेश्वर मंदिर में दर्शन करने पंहुचे शिवाला कानपुर निवासी राहुल अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह से शहर में बरसात हो रही थी उससे सुबह यही लग रहा था कि मंदिर तक पहुचना मुश्किल है लेकिन पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी से समस्याओं को काफी हद तक काबू में करने का काम किया गया।

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