कानपुर
कानपुर के बिरहर चौकी परिसर में स्थित मंदिर में ग्राम प्रधान और परिजनों की मौजूदगी में प्रेमी जोड़े की शादी संपन्न हुई। यहां पर दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई, इसके बाद प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदूर भरकर सात जन्म तक साथ रहने का वादा किया। दोनों ने शादी संपन्न होने के बाद ग्राम प्रधान समेत परिजन और पुलिस कर्मियों का आशीर्वाद लिया।
साढ़ थाना क्षेत्र के हंसकर गांव के रहने वाले रघुवीर कुशवाहा के बेटे विकास कुशवाहा का बिधनू थाना क्षेत्र के कठेरुआ गांव निवासी नंदनी प्रजापति के साथ बीते तीन वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, इस बात की जानकारी जब नंदनी के घरवालों को हुई तो उन्होंने नंदनी का बाहर आना जाना बंद करा दिया और उस पर नजर रखने लगे। नंदनी रात में चोरी से विकास से छुपकर बात करती रही। नंदनी ने अपने घरवालों से विकास के साथ शादी करने की बात रखी पर लड़का गैर बिरादरी का होने के चलते घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं हुए। जिस पर दोनों ने घर से भागकर शादी करने का फैसला किया। जिस पर विकास नंदनी को भागकर अपने घर ले आया। इस बात की जानकारी होते लड़की के परिजनो ने बिरहर चौकी पहुंचकर पुलिस से मामले की शिकायत की। पुलिस ने दोनो को घर से पकड़कर चौकी लेकर आई। जहां पर दोनों एक दूसरे के साथ रहने की जिद पर अड़े रहे। यहां पर पहुंचे ग्राम प्रधान उमरा नीतू सिंह ने दोनों के परिजनो को समझाया और सामंजस बैठाकर दोनों की शादी चौकी परिसर में स्थित मंदिर में करवाने की बात रखी। जिस पर दोनों के परिजन मान गए। इसके बाद विकास ने नंदनी की मांग में सिंदूर भरकर सात जन्म तक साथ निभाने का वादा किया। दोनों के एक दूसरे को वरमाला पहनाई। फेरे लेने की रस्म पूरी होने के बाद दोनों ने ग्राम प्रधान समेत परिजनो और पुलिस कर्मियों का आशीर्वाद लिया। साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों बालिग थे, परिजन दोनो की बिरादरी अलग होने के चलते शादी को तैयार नहीं थे, लड़का और लड़की एक दूसरे के साथ जीवन व्यतीत करना चाहते थे। जिसपर दोनों ने अपनी स्वेच्छा से ग्राम प्रधान और परिजनों की मौजूदगी में बिरहर चौकी परिसर में स्थित मंदिर में शादी कर ली। इसके बाद दोनों अपने घर चले गए।
