दिव्यांग महागठबंधन की ऑनलाइन बैठक में पचास से अधिक संगठन हुए शामिल
कानपुर, दिव्यांग महागठबंधन की आज ऑनलाइन बैठक हुई । इस बैठक में 30 जुलाई को मुख्यमंत्री कार्यालय विधानसभा पर प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी से वार्ता हुई थी वार्ता में सभी मांगों को सरकार की तरफ से पूरा करने का आश्वासन दिया गया था । जिसमें पेंशन ₹1500 महीना करने लेखपाल व मुख्य सेविका अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने, नौकरियों में रिजर्वेशन कोटा पूरा करने, निःशुल्क आवास की सुविधा देने, आयुष्मान, अंत्योदय कार्ड बनाने सहित सभी मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिया गया था। लेकिन एक मांह से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी आज तक किसी भी मांग पर कोई कार्यवाही सरकार की तरफ से नहीं की गई।दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि ऑनलाइन बैठक में 50 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वीरेन्द्र कुमार ने सरकार पर दिव्यांगों की उपेक्षा का आरोप लगाया है । वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन व निदेशालय के अधिकारियों के साथ आधा दर्जन बैठकें हो चुकी है। आस्वाशन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेरोजगार दिव्यांग आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार मुक दर्शक बनी हुई है । वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि हम सरकार से बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान कराना चाहते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री व शासन के अधिकारी वार्ता का समय नहीं दे रहे है । जिसकी वजह से दिव्यांग महागठबंधन को आन्दोलन का निर्णय लेना पड़ा है।
आज की बैठक में दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव कुमार, अध्यक्ष मनीष प्रसाद, कोषाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, अमन सक्सेना (महासचिव शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश बधिर संस्था), उपाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव (अमरोहा) अजीत कुमार (लखनऊ), मुकेश कुमार भारती (महोबा), सत्येन्द्र कुमार, एम.आर.पासा (बिजनौर), पंकज त्रिपाठी ( बांदा), तेज बहादुर (देवरिया), रामनिहाल (गोण्डा ), डी.के. आजाद (हरदोई), राम गोपाल गुप्ता,मुन्नू शुक्ला (बस्ती) सहित पचास से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
