कानपुर ट्रैफिक बिग ब्रेकिंग
कानपुर के दादानगर की नो इंट्री का बड़ा झोल , होमगार्ड ,टी एस आई से लेकर टी आई, की खुल गई पोल।
कानपुर के दादानगर पुल में सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक की नो इंट्री है, इसके बाबजूद बड़े वाहन की बराबर इंट्री कैसे होती रहती है,आइए जानते है विस्तार से
कानपुर दादानगर फैक्ट्री एरिया होने की वजह ट्रांसपोर्ट की गाड़िया ज्यादा लंबे समय तक खड़ी नहीं की जाती है इसलिए दादानगर पुल से पहले फायर बिग्रेड के पास एक होमगार्ड महोदय का जमे रहना निश्चित किया गया है, जो भी बड़ी गाड़ी आती है पहले गाड़ी चालक होमगार्ड से मिलता है, और गाड़ी निकालने के लिए होमगार्ड के इशारे पर चालक पास में पान मसाले की दुकान में जाकर इंट्री फीस जमा करा देता,और गाड़ी आराम से पास करा दी जाती है।
कानपुर के दादा नागर नो इंट्री कराने के लिए V I P इंट्री की भी सुविधा रखी गई है, बड़े बड़े ट्रांसफोटर की जितनी भी गाड़िया रोजाना निकलती है उनके गाड़ियों के no की एक लिस्ट टी एस आई महोदय के पास ड्यूटी चार्ट की तरह पहुंच जाती है,उनको होमगार्ड न0 देखकर गाड़ियों को नहीं रोकता है, उनका हिसाब हर एक हफ्ते में किया जाता है।
कानपुर के दादानगर पुल no इंट्री के झोल को छिपाने के लिए प्वाइंट में तैनात टी एस आई महोदय अपने साथियों को तो माल खिलाते ही है,और अपने टी आई महोदय को भी मोटी रकम से नमाजते है, और इसके साथ साथ कानपुर के कमसे कम 8 से 10 पत्रकार ऐसे होंगे जिनका बिना कहे 1000 रुपए हफ्ते दिया जाता है।
कानपुर के दादानगर पुल में नो इंट्री के होने के बाबजूद ट्रैफिक पुलिस से लेकर पत्रकारों का हिस्सा सेट होने के कारण अक्सर कई लोग बड़ी गाड़ियों के हादसे का शिकार हो जाते है, आखिर उनकी मौत का जिम्मेदार कौन????
कानपुर के दादानगर नो इंट्री का झोल ट्रैफिक डीसीपी महोदय रविन्द्र जी को क्या इसकी भनक तक नहीं है,
क्या दादानगर नो इंट्री का झोल ट्रैफिक पुलिस करती रहेगी, क्या बेगुनाह लोग हादसों का शिकार होते रहेंगे, क्या बकाई में नो इंट्री ट्रैफिक डीसीपी महोदय रविन्द्र जी सुचारू रूप बिना की झोल के संचालित कर पाएंगे, ये अभी तक बड़ा सवाल है।
अगली कड़ी में ट्रैफिक प्वाइंट दादानगर नो इंट्री में घूस लेने वाले पत्रकारों ने नाम और ट्रैफिक पुलिस के नाम की लिस्ट भी जारी की जाएगी,।
