GBC 5.0: कानपुर में दिखा निवेश का ‘दम’, आधे से ज्यादा लक्ष्य पूरा, रक्षा उत्पादन की गूंजेगी धमक

 

– निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के मामले में कानपुर की बड़ी छलांग
– एमएसएमई और हाउसिंग सेक्टर में लक्ष्य से कई गुना अधिक निवेश, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
– 12,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 6519.24 करोड़ रुपये का अचीवमेंट

कानपुर, 16 अप्रैल।
उत्तर प्रदेश को औद्योगिक शक्ति बनाने की योगी सरकार की मुहिम कानपुर में धरातल पर दिखने लगी है। ‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी’ के तहत निवेश प्रस्तावों को वास्तविक रूप देने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शहर के लिए निर्धारित 12,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 6519.24 करोड़ रुपये का अचीवमेंट हासिल कर लिया गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, प्रशासन उन सभी निवेश प्रस्तावों को वास्तविक स्वरूप देने में जुटा है, जिनसे न केवल शहर की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

*कानपुर बनेगा रक्षा उत्पादन का केंद्र*
कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर के तहत चार प्रमुख यूनिट्स को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इसमें सबसे बड़ी परियोजना ‘अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड’ की है, जो 1500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ ‘इंटीग्रेटेड एम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी’ स्थापित कर रही है। इससे करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा।

इसके साथ ही ‘डेल्टा कॉम्बैट सिस्टम्स लिमिटेड’ 150 करोड़ रुपये के निवेश से छोटे हथियारों और गोला-बारूद की यूनिट लगा रही है। ‘ए.आर. पॉलीमर्स प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा 48 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जो सुरक्षा गियर और बैलिस्टिक सामग्री का निर्माण करेगी। वहीं ‘आधुनिक मटेरियल एंड साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड’ 38.58 करोड़ रुपये की लागत से डिफेंस टेक्सटाइल्स की इकाई स्थापित कर रही है। इन चारों बड़ी इकाइयों के माध्यम से कानपुर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है।

*एमएसएमई और आवास विभाग का शानदार प्रदर्शन*
निवेश के आंकड़ों पर नजर डालें तो ‘डिपार्टमेंट ऑफ एमएसएमई एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1971.64 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतारा है। वहीं ‘हाउसिंग डिपार्टमेंट’ ने अपने 2000 करोड़ के लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ते हुए 3245.80 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल की है। ‘मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट’ ने भी 300 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 600 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया है। ‘फूड एंड सिविल सप्लाई’ विभाग ने 50 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 106 करोड़ रुपये का अचीवमेंट दर्ज किया है।

 

*अन्य विभागों में निवेश की स्थिति*
आंकड़ों के अनुसार, ‘डिपार्टमेंट ऑफ एक्साइज’ ने अपने 50 करोड़ के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है। ‘डिपार्टमेंट ऑफ एडिशनल सोर्स ऑफ एनर्जी’ ने 200 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 175 करोड़ और ‘हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट’ ने 150 करोड़ के लक्ष्य पर 100 करोड़ का काम पूरा किया है। ‘हैंडलूम एंड टेक्सटाइल्स’ ने 200 करोड़ के सापेक्ष 55.61 करोड़, ‘टूरिज्म’ ने 500 करोड़ के सापेक्ष 120 करोड़ और ‘डेयरी डेवलपमेंट’ ने 50 करोड़ के लक्ष्य पर 20.19 करोड़ का निवेश हासिल किया है। ‘यूपी स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी’ ने 2700 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अभी 75 करोड़ की उपलब्धि हासिल की है।

इसके अलावा कृषि, पशुपालन, सहकारिता, चिकित्सा शिक्षा, उच्च शिक्षा और आईटी जैसे विभागों के लिए भी भारी निवेश के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए प्रक्रिया जारी है।

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वर्जन

“कानपुर में 12,000 करोड़ के निवेश लक्ष्य को प्राप्त करना हमारी प्राथमिकता है। हम निवेशकों के हर प्रस्ताव को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डिफेंस कॉरिडोर की चार प्रमुख इकाइयां कानपुर की औद्योगिक पहचान को वैश्विक पटल पर ले जाएंगी। प्रशासन हर स्तर पर निवेशकों का सहयोग कर रहा है।”
— जितेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, कानपुर नगर

 

औद्योगिक विकास के मामले में कानपुर के आंकड़े बहुत उत्साहजनक हैं। एमएसएमई और हाउसिंग सेक्टर में हमने लक्ष्य से बहुत आगे बढ़कर काम किया है। डिफेंस कॉरिडोर में आवंटित इकाइयों पर काम तेजी से चल रहा है। हमारा प्रयास है कि सभी निवेश प्रस्ताव जल्द से जल्द क्रियान्वित होकर रोजगार के द्वार खोलें।”
— अंजनीश प्रताप सिंह, उपायुक्त उद्योग, कानपुर

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