मॉल में लगी आग और छत पर फंसे लोग, कानपुर मॉकड्रिल में दिखा पुलिस और अग्निशमन का त्वरित रेस्क्यू
कानपुर। शहर की बढ़ती आबादी और बहुमंजिला इमारतों के कारण आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए कानपुर कमिश्नरेट पुलिस और अग्निशमन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। आज शहर के एक प्रमुख कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस वृहद अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आग लगने, धुएं से घिरने या ऊंची इमारतों में फंसने जैसी आपदाओं के समय त्वरित और प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करना तथा जान-माल के नुकसान को न्यूनतम रखना था।
मॉकड्रिल दो महत्वपूर्ण चरणों में आयोजित की गई। पहले चरण में मॉल या बहुमंजिला इमारत के अंदर अचानक आग लगने की स्थिति का अनुकरण किया गया। इसमें फंसे हुए लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। पुलिस और फायरकर्मियों ने तेजी से पहुंचकर लोगों को इमारत से बाहर निकाला, जबकि कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया।
दूसरे चरण में छत या ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को बचाने के लिए अत्याधुनिक हाइड्रोलिक क्रेन का उपयोग प्रदर्शित किया गया। यह क्रेन ऊंची इमारतों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित नीचे उतारने में बेहद कारगर साबित हुई।
इस अभ्यास में मॉल प्रबंधन और वहां कार्यरत कर्मचारियों को भी सक्रिय रूप से शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, आग बुझाने की बुनियादी तकनीकों, आपातकालीन निकासी मार्गों और धैर्य बनाए रखने की विशेष ट्रेनिंग दी। अभ्यास के दौरान रिस्पॉन्स टाइम को मापा गया, ताकि वास्तविक घटना में पुलिस और अग्निशमन दल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रही बहुमंजिला इमारतों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को देखते हुए ऐसी मॉकड्रिल बेहद जरूरी हैं। पिछले कुछ वर्षों में कानपुर में कई आग की घटनाएं हुई हैं, जिनमें जान-माल की भारी क्षति हुई। ऐसे में पहले से तैयारी करना और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बिठाना सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों के अनुसार, इस मॉकड्रिल से न केवल पुलिस और फायर ब्रिगेड की तैयारियों का जायजा लिया गया, बल्कि मैनेजमेंट और आम नागरिकों को भी जागरूक किया गया। भविष्य में शहर के अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों, शॉपिंग मॉल्स, अस्पतालों और आवासीय कॉम्प्लेक्स में ऐसे सुरक्षा अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इसका मकसद किसी भी अप्रिय घटना के समय रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम रखना और प्रभावी बचाव कार्य करना है।
