कानपुर

 

आमतौर पर ज़ब भी हम डॉक्टर के पास अपना इलाज कराने के लिए जाते है तो डॉक्टर हमें जो दवा का पर्चा देता है उसमे दवा का नाम लिखने के पहले डॉक्टर Rx शब्द लिखने के बाद ही दवाओ का नाम लिखता है… लेकिन यूपी के सबसे बड़े ह्रदय रोग संस्थान ( कर्डियोलॉजी कानपुर ) मे दवाओ के पर्चे पर RAM सिम्बल बनाने के बाद ही दवाओं के पर्चे लिखें जा रहे है… जिसको लेकर कोर्डियोलॉजी कानपुर विश्व का इकलौता ऐसा संस्थान बन गया है जिसने Rx क़ी जगह RAM लिखना शुरू कर मेडिकल फील्ड मे बहुत बड़ा परिवर्तन किया है।

 

वीओ – ये है उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा हृदय रोग संस्थान जिसे कर्डियोलॉजी कानपुर के नाम से भी लोग जानते है…यहाँ तैनात कारडियक सर्जन डॉक्टर नीरज कुमार ने एक अनोखी पहल करते हुए दवाओ के पर्चे लिखने के पहले Rx क़ी जगह RAM लिखकर दवाओं के नाम लिखना शुरू कर दिया है।

डॉक्टर नीरज कुमार क़ी इस पहल के पीछे क़ी असल वजह भी उन्होंने बताई… डॉक्टर नीरज कुमार का कहना है कि Rx शब्द लिखने के पीछे क़ी असल शुरुवात इजिप्ट से हुई थी इजिप्ट देश मे पहले ज़ब लोग बीमार होते थे तो उसके घरों के बाहर वहाँ के देवता होरस क़ी आँख का सिम्बल लगाया जाता था। जिसका सिम्बल Rx क़ी तरह दिखता था इसलिए Rx शब्द को सम्पूर्ण विश्व मे दवाओ के पर्चो पर लिखने क़ी प्रथा क़ी शुरुवात हो गई।

डॉक्टर नीरज कुमार का कहना है कि यदि हमें भगवान का नाम ही लिखकर दवाओ के पर्चे लिखने है तो हम इजिप्ट के देवता का नाम ही क्यों लिखें जब हमारे भगवान राम का नाम हमारे दैनिक जीवन मे जन्म से लेकर मृत्यु तक लिया जाता है तो हम क्यों ना राम का नाम लिखकर दवाओ के पर्चे लिखें।

यही कारण है कि हृदय रोग संस्थान मे अब दवाओ के पर्चे पर भगवान् राम का नाम लिखने के बाद ही दवाओ के नाम लिखने क़ी मुहीम शुरू कर दी गई है।

बाईट – डॉ नीरज कुमार ( कार्डियक सर्जन )

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