“सोमवार को ही क्यों की जाती है शिव की पूजा” और घर में शिवलिंग रखने पर रखें इन बातों का ध्यान!!!पुरातन काल से ही भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व रहा है। इसके लिए सोमवार के दिन को सबसे शुभ और कल्याणकारी माना गया है।

 

पुराणों में सोमवार को भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उपयुक्त और मनोकामना पूर्ण करने वाला दिन बताया गया है। कहा जाता है कि सोमवार को जो भी व्यक्ति शिव की आराधना सच्चे दिल से और निष्ठापूर्वक करता है, भगवान भोलेनाथ उनकी सारी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।भगवान भोले शंकर के कई नाम हैं, शिवजी, भोलेनाथ और ओढरदानी इत्यादि। भगवान शिव बहुत ही भोले स्वभाव के रूप में जाने जाते हैं। सच्चे दिल से इनकी पूजा अर्चना कर लोग अपनी इच्छा की पूर्ति करने की कोशिश करते हैं। वैसे तो शिव की आराधना के लिए हर दिन, हर पल शुभ ही शुभ है लेकिन सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा काफी पुरानी है।सोमवार को रखे जाने वाले व्रत को सोमश्वर नाम से जाना जाता है। इसे आप दो तरीके से समझ सकते हैं। सोम का अर्थ होता है चंद्रमा भी अपना देव मानते हैं, वही सोमेश्वर अर्थात् शिव हैं।

कहते हैं कि चंद्रमा भी इसी दिन भगवान शिव की पूजा आराधना किया करते थे। जिस कारण चंद्रमा को निरोगी काया मिली थी। सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने की एक वजह यह भी है।

इस दिन शिवजी की पूजा अर्चना का अर्थ है चंद्रदेव को भी खुश करना।

सोमवार को शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

कहते हैं कि सोमवार के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सोम का एक अर्थ होता है सौम्य और शंकर जी को शांत देवता के रूप में जाना जाता है इसलिए भी सोमवार का दिन शिवजी का दिन माना जाता है। भगवान शिव की सहजता और सरलता के कारण इन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है।

अगर आप भी करते हैं घर शिवलिंग की पूजा तो रखें इस बात ध्यान

शिवलिंग भगवान शिव का ही एक रूप है. शिव पुराण में कहा गया है कि शिवलिंग बहुत ही संवेदनशील होता है और इसकी थोड़ी पूजा से भी शुभ फल मिलते हैं. यदि आप शिवलिंग को घर में रख रहें हैं तो इन बातों का ध्यान अवश्य रखें. इससे शिवजी की कृपा आप पर बरसेगी और आप सुख समृद्धि का भोग करेंगे.घर में शिवलिंग रखने पर रखें इन बातों का ध्यान

 

यदि आप शिवलिंग की पूजा करने में असमर्थ है तो शिवलिंग को घर में नहीं रखना चाहिए.घर में शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा नहीं करवानी चाहिए. उसको वैसे ही रखकर विधि विधान से पूजा करनी चाहिये. उनका नित्य अभिषेक करना चाहिए.

 

घर में नर्मदा नदी से निकले पत्थर से बना शिवलिंग रखना चाहिए. यह अधिक शुभकारी होता है. घर में छोटा सा शिवलिंग रखना चाहिए. शिवलिंग की लम्बाई हमारे हाथ के अंगूठे के ऊपर वाले पोर से ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए. ज्यादा बड़े शिवलिंग को मंदिरों में रखा जाना चाहिए. ये अधिक शुभ फल प्रदान करते हैं.शिवलिंग की रोज़ सुबह-शाम पूजा करनी चाहिए. यदि नियमित रूप से पूजा कर पाना संभव ना हो तो घर में शिवलिंग नहीं रखना चाहिए.

 

शिवपुराण में कहा गया है कि घर में एक से ज्यादा शिवलिंग नहीं रखने चाहिए. घर के किसी बंद स्थान में शिवलिंग नहीं रखना चाहिए. शिवलिंग को हमेशा खुले स्थान पर रखा जाना चाहिए.वास्तु शास्त्र के मुताबिक़ चूंकि शिवलिंग से हर वक़्त ऊर्जा का संचार हो रहा होता है इसलिए शिवलिंग पर हमेशा जलधारा रखनी चाहिए जो ऊर्जा को शांत रखता है. कुछ लोग शिव लिंग पर हप्ते भर में या फिर प्रतिदिन जल अर्पित करते हैं वह प्रयाप्त नहीं होता है. इससे घर में अशांति रहती है.

 

यदि आप धातु का शिवलिंग घर में रखते है तो यह सोने, चांदी या ताम्बे से बना होना चाहिए. उसी धातु का एक नाग भी उस पर लिपटा होना चाहिए.भगवान शंकर को केतकी के फूल, तुलसी, सिंदूर और हल्दी अप्रिय है. इस लिए ये चीजें शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए.घर में रखे शिवलिंग को अकेले नहीं रखना चाहिए. उसके साथ भगवान शिव के परिवार की फोटो भी रखनी चाहिए.

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