भगवान परशुराम चौक झाँसी पर प. सुबोध शास्त्री, प. अविनाश. प. रघुराज शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित सर्व ब्राह्मण समाज ने गणेश पूजन एवं स्वस्ति वाचन के उपरांत सजातिए बंधुओ के लिए एक पर्चा जारी कर ब्राह्मणो को उनके कर्तव्य और दायित्वो का बोध कराने के लिए शास्त्रो के अनुसार धर्म ,देश व संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्पित होकर धर्मांन्ध लोगों को सही मार्ग पर लाने का काम किया जायेगा।

दिखावटी राम भक्त एवं कथित सनातनियों ने जिस प्रकार शंकराचार्यो का अपमान किया एवं आधे अधूरे राम लला के मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा मृतक सूतक की शुद्धि किए बिना (छौर कर्म मुंडन ) के बिना शुद्धि नहीं होती फिर भी की गई यह कार्य धर्मशास्त्र के अनुसार नहीं होने से सनातनियों एवं खासकर ब्राह्मणों को नागवार गुजरा।

राजनीत, डर एवं निजी स्वार्थ के लिए हम ब्राह्मण देश सनातनियों व हिन्दू धर्म से खिलवाड़ नहीं होने देंगे सदियों से ब्राह्मण समाज को शिक्षा, दिशा और दशा प्रदान करते आ रहे है, ब्राह्मण परशुराम वंशज है। भगवान परशुराम ने धर्म कि रक्षा के लिए अनेकों बार हथियार उठाए हैं। भगवान राम के आगमन के बाद ही परशुराम जी ने उनके सम्मान में स्थान छोड़ा। जिन भगवान राम का परशुराम जी ने सम्मान किया उनका अपमान हम परशुराम वंसज कैसे वर्दाश्त कर रहे हैं, ये समझ से परे है ?

अब धर्म की रक्षा की जिम्मेदारी हम विप्र बन्धुओं की है।

शिवद्रोही मम दास कहावा-सो नर मोह सानेहुँ नहिं सुहावा ।।

भावार्थ-भगवान श्रीराम ने स्वयं कहा है कि जो व्यक्ति भगवान शंकर का विरोध करता है, वह व्यक्ति हमें सपने में भी पसन्द नहीं आता है। शंकराचार्य भगवान शंकर के प्रतिरूप है जो भगवान और समाज के बीच की कड़ी हैं

विप्र समाज मौन रहा, ऐसा क्या कारण है कि हम अधर्म होते हुए देखकर भी

एक व्यक्ति की जय जयकार कर रहे हैं।

अभी समय है धर्म की रक्षा के लिए उठो जिसने प्रभु राम, आदरणीय शंकराचार्यों एवं सनातन धर्म का अपमान किया है, उसको सबक सिखा दीजिए।

हम उन सभी विप्र बन्धुओं से अनुरोध करना चाहते हैं कि जिन्होंने ब्राह्मण व भगवान परशुराम के नाम से संगठन बनायें हैं, वे ऐसे सभी संगठनों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर देना चाहिये जो प्रभु राम, आदरणीय शंकराचार्यो एवं सनातन धर्म का अपमान होते हुए देखकर मौन धारण किये हुये हैं, वे परशुराम वंशज हो ही नहीं सकते।

चौक पर विप्र बन्धुओं से सनातन धर्म, देश व संस्कृति को बचाने एवं सर्वधर्म सम्भव की परिकल्पना को सार्थक करने के लिए विप्र बन्धुओं ने पर्चे बांट कर आवाहन किया पर्चे बांटने बालों मैं पं प्रदीप नाथ झा ,पं अनिल कुमार दुबे ,पं रघुनाथ शर्मा ,पं राकेश तिवारी ,पं मनोज मिश्रा ,पं अभिषेक दुबे ,पं शशिकांत तिवारी ,पं प्रदीप शर्मा ,पं अवधेश नायक ,पं अमर जीत पांडे ,पं बृजभूषण शर्मा ,पं शंकर शर्मा ,पं प्रांजल नागर ,पं लक्ष्मी शरण तिवारी ,पं राहुल मिश्रा आदि विप्र बंधू उपस्थित रहे।

भवदीय

पं रघुराज शर्मा

केन्द्रीय प्रवक्ता व प्रभारी

मोर्चा समाज सेवा प्रकोष्ठ

बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा

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