चना व भुना चना को एक श्रेणी में मानते हुए दिनांक 1 सितंबर से मंडी परिषद के निदेशक द्वारा लागू किए गए मंडी शुल्क को वापस लेने व भुना चना के व्यापारियों को परेशान न किये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जी के सलाहकार अवनीश अवस्थी जी को ज्ञापन सौंपा

साथ में जीएसटी की धारा 129 के सरलीकरण का दायरा बढ़ाने व डीआरसी 13 में अपील को सरलीकरण करने की मांग की

सर्वप्रथम व्यापारियों व उद्यमियों ने अवनीश अवस्थी को सम्मानित भी किया

 

आज भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने विकसित उप्र @ 2047 की नवीन सभागार सरसैया घाट मे हुई बैठक मे चना व भुना चना को एक श्रेणी में मानते हुए दिनांक 1 सितंबर से मंडी परिषद के निदेशक द्वारा लागू किए गए मंडी शुल्क को वापस लेने व भुना चना के व्यापारियों को परेशान न किये जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जी के सलाहकार अवनीश अवस्थी जी को ज्ञापन सौंपा |

और उन्हें बताया कि कच्चा चना से भुना चना बनता है जिससे उसका स्वरूप बदल जाता है और साथ ही वह रेडी टू ईट हो जाता है अर्थात तुरंत खाने योग्य हो जाता है, साथ ही यह भी कहा भी चावल से बनने वाली लइया,मूंगफली से बनी भुनी मूंगफली व भुना मक्का या अन्य किसी भी कृषि उत्पाद के भूनने के उपरांत मंडी शुल्क नहीं है क्योंकि यह कृषि उत्पाद नहीं है व चना को गंगा आलू से भून कर बनाया जाता हैं इसलिए इस पर मंडी शुल्क नहीं होना चाहिए और हम लोग पीड़ित व्यापारियों के साथ 8 सितंबर को कृषि विपणन मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जी से मिलने के उपरांत उन्होंने भी भुना चना पर मंडी शुल्क लागू किए जाने को न्याय संगत नहीं मानते हुए एक पत्र विपणन कृषि सचिव को लिखा था और साथ में जल्द निर्णय लेकर आख्या मांगी है लेकिन इस दौरान मंडी समिति के अधिकारी भुना चना से जुड़े हुए व्यापारियों और उद्यमियों को उनकी गाड़ियों को रोककर दंडात्मक कार्रवाई कर रहे हैं या परेशान कर रहे हैं इसलिए गरीबों का आहार भुना चना पर मंडी शुल्क तत्काल वापस लिया जाए|

भुने चने पर मंडी शुल्क वापस लिए जाने की मांग पर कानपुर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी समर्थन किया और बताया कि व्यापारीगण माननीय मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से मिले थे और उन्होंने भी व्यापारियों का पक्ष लिया है |

ज्ञानेश मिश्र ने बैठक मे यह भी कहा कि स्टेट जी एस टी की सचल दल इकाइयों द्वारा छोटी मोटी कमियों पर रोककर व्यापारियो व उद्यमियों को परेशान कर रहे है इससे संबंधित जीएसटी की धारा 129 के सरलीकरण का दायरा बढ़ाया जाय और 2017 से 2020 तक के दौरान जारी की गई डीआरसी 13 की वजह से कई व्यापारियों के बैक खातों से धनराशि ले ली गई है या खाते सीज़ है ऐसे मामलो में अपील करने का सरलीकरण किया जाय |

सर्वप्रथम व्यापारियों व उद्यमियों ने अवनीश अवस्थी को सम्मानित भी किया

साथ मे युवा ट्रांसपोर्ट एसो के सरक्षक श्याम शुक्ला व मंडी से संदीप तिवारी आदि थे |

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