*कानपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’, ड्रोन की मदद से गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़*
कानपुर के थाना सचेंडी इलाके में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और हाईटेक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत पुलिस ने न केवल गांजा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर अपराधियों को उनके बिल से बाहर निकाल लिया। इस संयुक्त ऑपरेशन में एडीसीपी क्राइम सुमित एस रामटेके और आईपीएस सुमेध एम जाधव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने छापेमारी की।
*ड्रोन से निगरानी:*
नशे के इस कारोबार को पकड़ने के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों की मदद ली गई, जिससे संकरी गलियों और छतों पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया गया।
बड़ी गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से 7 महिलाओं और 1 पुरुष को गिरफ्तार किया है। ये लोग काफी समय से इलाके में गांजे की पुड़िया बनाकर बेच रहे थे।
बरामदगी: तलाशी के दौरान 3 किलो से ज्यादा अवैध गांजा और 92 हजार रुपए की नकदी बरामद की गई है।
बड़ा टर्नओवर: पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस इलाके में रोजाना 4 से 5 लाख रुपए के गांजे की बिक्री की जा रही थी।
70 जवानों की घेराबंदी
इस रेड को अंजाम देने के लिए क्राइम ब्रांच, सचेंडी थाना, पनकी थाना और रिजर्व पुलिस बल के 70 से ज्यादा जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी की थी। जैसे ही ड्रोन ने संदिग्ध लोकेशन मार्क की, जवानों ने एक साथ धावा बोल दिया, जिससे तस्करों को भागने का मौका नहीं मिला।
*एडीसीपी क्राइम का आधिकारिक बयान*
सुमित एस रामटेके (एडीसीपी क्राइम):
”हमें लंबे समय से सचेंडी और आसपास के इलाकों में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना मिल रही थी। ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत हमने ड्रोन तकनीक का सहारा लिया ताकि अपराधियों की सटीक लोकेशन मिल सके। इस कार्रवाई में हमने भारी मात्रा में कैश और गांजा बरामद किया है। नशे के इस पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई है और आगे भी इस तरह के ऑपरेशंस जारी रहेंगे।”
कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से ड्रग माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और सप्लाई चेन के अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी है।
