*जुलूस ए मोहम्मदी में मूलगंज में जुलूस देकर एम्बुलेंस को मोहम्मदी यूथ ग्रुप की टीम ने रास्ता दिया।*
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कानपुर 05 सितंबर मोहम्मदी यूथ ग्रुप के अध्यक्ष/ खानकाहे हुसैनी के खादिम इखलाक अहमद डेविड ने अपनी टीम के साथ जुलूस ए मोहम्मदी में शिरकत की जुलूस के रुटों पर मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने इस्तकबालिया कैम्प लगाएं जिसमें जुलूस में शामिल लोगों का फूलों की पंखुड़ियों इत्र लगाकर इस्तकबाल किया व लंगर वितरण कर एशिया के सबसे बड़े जुलूस का इस्तकबाल किया।
जुलूस ए मोहम्मदी एशिया का सबसे बड़ा जुलूस, जुलूस ए मोहम्मदी की शुरुआत परेड रजवी ग्राउंड से हुई ज्वाइंट पुलिस आयुक्त आशुतोष सिंह व जमीयत उलमा हिंद के उपाध्यक्ष मौलाना अमीनुल हक़ अब्दुला कासमी ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस ए मोहम्मदी को शुरुआत की जुलूस अपनी शान ओ शौकत के साथ रवाना हुआ जुलूस नई सड़क, पेंचबाग, दादा मियाँ का चौराहा, तलाक महल, कंघी मोहाल, गुलाब घोसी मस्जिद, अजमेरी चौराहा, हलीम कालेज चौराहा, इकबाल लाइब्रेरी, बाँसमण्डी, कुली बाज़ार, मूलगंज, मेस्टन रोड, कोतवाली चौराहा, शिवाला, रामनारायन बाज़ार, पटकापुर होता हुआ फूलबाग में समाप्त हुआ। जुलूस के रुटों पर इस्तकबालिया व लंगर के कैम्प लगे। मेस्टन रोड वाली मस्जिद में अदा की गयी फूलबाग में मगरिब की नमाज़ अदा कर जुलूस ए मोहम्मदी समाप्त हुआ।
ग्रुप की टीम जुलूस में दरुद व सलातों सलाम का नज़राना पेश करती चल रही थी व अपने अख़लाक को बेहतर करने, आधी रोटी खाएं-अपने बच्चों को इल्म ज़रुर देने, नमाज़ की पाबंदी करने का संदेश देते चल रहे थे। ग्रुप की टीम ने मूलगंज चौराहा पर एम्बुलेंस को रास्ता देकर अपना फर्ज़ निभाया।
जुलूस व कैम्पों में मुख्य रुप से इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, मोहम्मद हफीज़, मोहम्मद जावेद, एजाज़ रशीद, इशरत अली, अफज़ाल अहमद, परवेज़ आलम, हाजी गौस रब्बानी, मोहम्मद शाहिद आदि लोग मौजूद थे।
