सर्वेश्वर महादेव मन्दिर , सांदीपनि आश्रम, उज्जैन

 

महाकाल की नगरी उज्जैन के सांदीपनि आश्रम परिसर में स्थित मन्दिरों में से एक सर्वेश्वर महादेव मन्दिर में 6000 साल पुराना शिवलिंग है जो गुरु सांदीपनी और उनके शिष्यों द्वारा पूजा जाता था । यह मन्दिर भगवान शिव के सम्मान में बनाया गया है , जो कि ऋषि सांदीपनि के संरक्षक देवता सर्वेश्वर महादेव के रूप में हैं ।गुरु सांदीपनि ने अपने तपोबल द्वारा बिल्वपत्र के माध्यम से एक शिवलिंग प्रकट किया था , जिसे सर्वेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है जो कि यह है ।

यहाँ स्थित शिवलिंग की जलाधारी में पत्थर के शेषनाग के दर्शन होते हैं जो पूरे भारत वर्ष में दुर्लभ है । अगर कोई सर्वेश्वर लिंग को करीब से देखता है , तो उस पर भगवान शिव , पार्वती , गणेश और कार्तिकेयन की आकृति देखी जा सकती हैं।परिसर में गोमती कुण्ड नामक एक विशाल पानी का कुण्ड भी मौजूद है।

 

यहाँ खड़े नंदी की प्रतिमा है

यहाँ हरि ( श्री कृष्ण )से हर ( भोलेनाथ ) का मिलन हुआ था । इस मन्दिर में खड़े नन्दी की अद्भुत प्रतिमा है ।जब भगवान शिव अपने प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दर्शन करने के लिए यहाँ पधारे थे , तब यही वह दुर्लभ क्षण थे जिसे हरिहर मिलन का रूप दिया गया । तो गुरु और गोविंद के सम्मान में नन्दीजी खड़े हो गए थे । यही कारण है कि यहाँ खड़े नन्दीजी की प्रतिमा के दर्शन भक्तों को होते हैं। देश के अन्य मन्दिरों में नन्दी की बैठी हुई प्रतिमाएँ नजर आती हैं। प्राचीन सर्वेश्वर महादेव मन्दिर में पढाई करने वाले बच्चों को पाती लिखकर दी जाती है , ताकि उनका मन पढ़ाई में अच्छा लगे तथा जब वे किसी साक्षात्कार के लिए जाएं तो यही पाती अपने साथ पॉकेट में वे रखते हैं , तो उन्हें सफलता भी मिलती है।

कैसे पहुँचें उज्जैन भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। इसलिए आपको उज्जैन तक आने के लिए देश के सभी बड़े शहर दिल्ली , मुंबई , कोलकाता आदि स्थानों से कई प्रकार के साधन मिल जायेंगे। सांदीपनी आश्रम उज्जैन शहर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। जहाँ आप टैक्सी या फिर पैदल ही यात्रा कर सकते हैं।

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