टीसीएस प्रकरण से देश स्तब्ध, अब मौन नहीं; धर्मांतरण के षड्यंत्र के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का समय, 17 अप्रैल को प्रांतव्यापी आक्रोश प्रदर्शन: राजू पोरवाल
कानपुर। 16 अप्रैल 2026, वैशाख कृष्ण चतुर्दशी, गुरुवार
विक्रम संवत २०८३
देशभर में अवैध धर्मांतरण से जुड़ी लगातार सामने आ रही घटनाओं ने समाज में गहरी चिंता और तीव्र आक्रोश उत्पन्न किया है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों, शिक्षण संस्थानों एवं संगठित क्षेत्रों तक इस प्रकार की गतिविधियों के फैलने की खबरें अत्यंत गंभीर स्थिति की ओर संकेत करती हैं। विश्व हिंदू परिषद ने इसे सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक अस्मिता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया है।
विश्व हिंदू परिषद कानपुर प्रान्त के प्रान्त मंत्री राजू पोरवाल जी ने कहा कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरा देश स्तब्ध है। जिस प्रकार सुनियोजित तरीके से युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें प्रलोभन, मानसिक दबाव एवं छल के माध्यम से प्रभावित करने के प्रयास सामने आए हैं, वह अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य है। इस प्रकरण में सामने आए तथ्यों— जिनमें युवाओं को धार्मिक तौर-तरीके अपनाने के लिए बाध्य करना तथा जबरन धर्मांतरण के प्रयास शामिल हैं— ने पूरे समाज को झकझोर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं विभिन्न क्षेत्रों में भी ऐसे नेटवर्क के फैलने की आशंका ने इस विषय को और अधिक गंभीर बना दिया है। यह स्पष्ट संकेत है कि अवैध धर्मांतरण अब एक संगठित और व्यापक स्वरूप ले चुका है।
राजू पोरवाल जी ने कहा कि जब धर्मांतरण प्रलोभन, दबाव या षड्यंत्र के माध्यम से किया जाता है, तो वह केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं रह जाता, बल्कि समाज की एकता, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा आघात बन जाता है। इसलिए इस प्रकार की गतिविधियों पर कठोर नियंत्रण हेतु राष्ट्रव्यापी सख्त कानून बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है।
इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल के नेतृत्व में 17 अप्रैल 2026 को कानपुर प्रान्त के सभी 21 जिलों में व्यापक आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों के माध्यम से जनमानस को जागृत करने और शासन-प्रशासन को कठोर कार्रवाई हेतु बाध्य करने का संकल्प लिया गया है।
विश्व हिंदू परिषद स्पष्ट रूप से आह्वान करता है कि प्रत्येक जागरूक हिंदू इस आक्रोश प्रदर्शन में अनिवार्य रूप से सहभागिता करे। अब समय आ गया है कि समाज मौन न रहे, बल्कि संगठित होकर अपनी अस्मिता, परंपरा और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ा हो। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू समाज की सुरक्षा और सम्मान का प्रश्न है।
विश्व हिन्दू परिषद ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की है कि अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध देशभर में कठोर एवं प्रभावी कानून तत्काल लागू किया जाए तथा ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार के संगठित षड्यंत्र पर निर्णायक रोक लगाई जा सके।
जारी कर्ता:
ओमेंद्र अवस्थी
प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख
विश्व हिंदू परिषद, कानपुर प्रान्त
